दल्ली राजहरा: फाइलेरिया मुक्त शहर बनाने की कवायद, 10 फरवरी से शुरू होगा 'दवा सेवन' अभियान
दल्ली राजहरा: नगर को हाथीपांव (फाइलेरिया) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। उप स्वास्थ्य केंद्र टाउनशिप में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सुपरवाइजर रेखू राम साहू ने आगामी 'सामूहिक दवा सेवन' अभियान की विस्तृत कार्ययोजना साझा की।
अभियान का शेड्यूल:
नगर के सभी 27 वार्डों में यह अभियान तीन चरणों में चलाया जाएगा:
10 से 12 फरवरी (बूथ एक्टिविटी): शहर के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बूथ लगाकर नागरिकों को दवा खिलाई जाएगी।
13 से 22 फरवरी (डोर-टू-डोर): स्वास्थ्य कर्मचारी और मितानिन घर-घर जाकर उन लोगों को दवा खिलाएंगे जो बूथ पर नहीं आ पाए थे।
23 से 25 फरवरी (मॉप-अप राउंड): अंतिम चरण में छूटे हुए लोगों को कवर किया जाएगा ताकि कोई भी वंचित न रहे।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान:
प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दवा का सेवन खाली पेट न करें। इसके अलावा, सुरक्षा की दृष्टि से निम्नलिखित वर्ग के लोगों को यह दवा नहीं लेनी है:
गर्भवती महिलाएं।
दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे।
गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति।
क्यों है जरूरी?
फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलता है और एक बार होने पर इसका इलाज कठिन होता है। बचाव के लिए उम्र के अनुसार डी.ई.सी., ईवरमेक्टिन और एलबेंडाजोल की दवाएं दी जाएंगी।
नगरवासियों से अपील:
स्वास्थ्य विभाग और मितानिनों ने नगरवासियों से निवेदन किया है कि वे अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र पहुँचकर दवा का सेवन अवश्य करें और दल्ली राजहरा को फाइलेरिया मुक्त बनाने में अपना सहयोग दें।