छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिवस पर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का राज्यव्यापी समर्थन*

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिवस पर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का राज्यव्यापी समर्थन*

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिवस पर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का राज्यव्यापी समर्थन*
प्रेस विज्ञप्ति
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिवस पर स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का राज्यव्यापी समर्थन*
अरुण ताम्रकार रायपुर | छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित तीन दिवसीय हड़ताल का अंतिम दिवस कल पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित रूप से संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने प्रदेश के सभी जिलों में फेडरेशन के हड़ताल स्थलों पर उपस्थित होकर अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
इस दौरान स्वामी आत्मानंद योजना अंतर्गत कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों ने फेडरेशन के माध्यम से अपनी 12 सूत्रीय जायज मांगों को राज्य सरकार के समक्ष रखा तथा शीघ्र निराकरण की मांग की। यह मांगें केवल कर्मचारियों के हित की नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और स्थायित्व से भी जुड़ी हुई हैं।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दुर्योधन यादव ने इस अवसर पर कहा—
“स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी पिछले कई वर्षों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें वे अधिकार नहीं मिल पाए हैं, जिनकी गारंटी दी गई थी। ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को अब जमीन पर उतारने का समय आ गया है। हमारी यह एकजुटता किसी के विरोध में नहीं, बल्कि न्याय और सम्मान की मांग के लिए है।”
उन्होंने आगे कहा कि संविदा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते सभी कर्मचारी संगठनों को एक साझा मंच पर आकर संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है। यदि शासन ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ राज्य सरकार से यह अपेक्षा करता है कि वह कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील और ठोस निर्णय ले, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके।

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