*हिंदुस्तान की मिट्टी पर हिंदुस्तान की संस्कृति,परंपरा और राष्ट्रीय भावना का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा - डॉ. प्रतीक उमरे*
*हिंदुस्तान की मिट्टी पर हिंदुस्तान की संस्कृति,परंपरा और राष्ट्रीय भावना का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा - डॉ. प्रतीक उमरे*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि हिंदुस्तान एक संप्रभु,धर्मनिरपेक्ष और एकता के सूत्र में बंधा राष्ट्र है।यहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति,चाहे वह किसी भी धर्म,जाति,भाषा या पृष्ठभूमि का हो को राष्ट्र की मूल भावना,संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति पूर्ण सम्मान दिखाना अनिवार्य है।भारत में रहना है,तो भारत की शर्तों पर रहना होगा। यह कोई चुनावी नारा नहीं,बल्कि एक सैद्धांतिक सत्य है।तिरंगा हमारी स्वतंत्रता,बलिदान और एकता का सबसे पवित्र प्रतीक है।यह ध्वज उन असंख्य वीरों के खून से रंगा है जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।वंदे मातरम् वह महान गान है जिसने लाखों क्रांतिकारियों को प्रेरित किया,देशभक्तों को एकजुट किया और आज भी हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला जलाए रखता है।इनका सम्मान करना,इनके प्रति श्रद्धा दिखाना और इनका जयकारा लगाना कोई वैकल्पिक कार्य नहीं है,यह प्रत्येक भारतीय की अनिवार्यता है।डॉ. प्रतीक उमरे ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि कुछ लोग समय-समय पर राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत के प्रति असम्मानजनक व्यवहार करके समाज में विभाजन की भावना फैलाने का प्रयास करते हैं।ऐसे कृत्यों से न केवल राष्ट्रीय एकता को ठेस पहुंचती है,बल्कि हमारे संविधान के मूल्यों और उन शहीदों के बलिदान का भी अपमान होता है जिन्होंने हमें यह आजादी और सम्मानजनक जीवन दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को सरकार द्वारा स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि हिंदुस्तान की मिट्टी पर रहते हुए हिंदुस्तान की संस्कृति,परंपरा और राष्ट्रीय भावना का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।भारत की अखंडता और गौरव को सर्वोपरि है।