स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में विचार मंच का आयोजन किया गया।
स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्ली राजहरा में विचार मंच का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम नगर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं बाल कल्याण समिति प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पीठ जिला बालोद के अध्यक्ष कृष्णा साहू के आथित्य में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम देव मंच पर स्वामी जी के छायाचित्र पर पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। श्री साहू ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा अवस्था ही संभलने और बिगड़ने का जीवन का टर्निंग पॉइंट होता है अतः इस यौवन अवस्था को संभाल कर उनकी शक्तियों को श्रेष्ठ कार्यों में लगाये, नैतिकता सामाजिकता का समावेश करें। आधुनिक समय में समय के बदलाव के साथ
अपने आप को भी अवसर देते हुए श्रेष्ठ कार्यों में नियोजित करें। किशोर न्याय अधिनियम के अनुसार बालको को मूलतः 4 प्रकार के अधिकार प्राप्त है जैसे जीवन जीने का अधिकार, विकास का अधिकार, सहाभागिता का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार। इन अधिकारों को कोई उनसे छीन न ले, इसलिए इसकी सुरक्षा के लिए 11 प्रकार के कानून बनाये गए है। जिसमे प्रमुख कानून है किशोर न्याय अधिनियम, पॉकसो एक्ट, शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम,अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम, बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम इत्यादि।
नाबालिग बच्चों के साथ छेड़छाड़, सहमति या असहमति से किया यौन व्यवहार, यौन उत्पीड़न, मारपीट, अश्लील साहित्य, फोटो या विडिओ दिखाना, अश्लील बातचीत करना, बिना सहमति के फोटो लेना, इच्छा के विरुद्ध स्पर्श करना इत्यादि पॉकसो कानून के अंतर्गत अपराध माना जाता है। ऐसा करने पर 03 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही बालको के साथ होने वाले किसी भी उक्त घटना की जानकारी होने पर तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्प लाइन, निकटतम पुलिस थाना में देना होता है। यदि किसी भी व्यक्ति के द्वारा जानकारी होने पर भी उक्त घटना को छिपाया या गुमराह किया जाता है तो उसे पॉकसो कानून के अंतर्गत गिरफ्तार क़र दण्डित किया जाता है। अंत में बाल विवाह रोकने तथा स्वयं भी इससे बचने हेतु बच्चों से और उपस्थित अधिकारी कर्मचारियों से बाल विवाह रोकथाम का संकल्प कराया ।
संस्था के प्रभारी प्राचार्य के के दुबे ने स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला और कहा कि स्वामी जी भारत के संस्कृति की पताका को देश-विदेश तक पहुंचाया और भारत की स्वाभिमान को बढ़ाया। स्वामी जी युवाओं के युवा सम्राट आदर्श माने जाते हैं। अतः उनके आदर्श को हमें भी जीवन में अपनाना चाहिए और अपना चारित्रिक, सामाजिक ,सांस्कृतिक विकास करनी चाहिए।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण अधिकारी चंद्र प्रकाश कश्यप, शिल्पी वर्मा, प्रवीण सिन्हा ,विरेंद्र कुमार बघेल, फनिल कुमार, टिकेश्वर कुमार, शिवेंद्र कुमार, गीतांजलि, गीतू गौतम, दिलीप गजभिए ,आदि का विशेष सहयोग रहा।