सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन, समाजसेवी घनश्याम अग्रवाल ने छात्रवृत्ति के लिए 1.50 लाख रुपए प्रदान किए।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन, समाजसेवी घनश्याम अग्रवाल ने छात्रवृत्ति के लिए 1.50 लाख रुपए प्रदान किए।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन, समाजसेवी घनश्याम अग्रवाल ने छात्रवृत्ति के लिए 1.50 लाख रुपए प्रदान किए।
नेवरा -तिल्दा 
दिलीप वर्मा 

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवरा मे शिशु नगरी कार्यक्रम का आयोजन, समाजसेवी घनश्याम अग्रवाल ने छात्रवृत्ति के लिए 1.50 लाख रुपए प्रदान किए।
 कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर किया।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री घनश्याम अग्रवाल समाज सेवी, शिवमहापुराण के आयोजनकर्ता, अध्यक्षता श्रीमती रेखा तिवारी शिशु वाटिका विभाग प्रमुख राजिम विभाग, विशिष्ट अतिथि श्रीमती प्रभा वर्मा उपसरपंच मोहगांव, श्री दिलीप शर्मा फाउंडर मेंबर, श्री स्वप्निल श्रीवास्तव सचिव, श्री नारायण शर्मा सहसचिव,श्री दिलीप वर्मा कोषाध्यक्ष, श्री कृष्ण कुमार सोनी सदस्य, श्रीमती रितु चौबे पालक समिति सदस्य, प्राचार्य श्रीवासुदेव साहू नेवरा विद्यालय, प्राचार्य श्री श्रवण कुमार साहू तिल्दा विद्यालय उपस्थित रहे।
 इस कार्यक्रम की प्रभारी शिशुवाटिका सह प्रान्त प्रमुख श्रीमती उर्मिला कश्यप रही| 
श्री घनश्याम अग्रवाल ने अपने उद्बोधन मे कहा की बच्चों में सबसे बड़ी चीज होती है संस्कार और संस्कार ही इस विद्यालय की विशेषता रही है| इस विद्यालय में समय-समय पर मुझे बुलाया जाता है उसके लिए मैं इस विद्यालय का आभारी हूं, साथ ही उन्होंने कहा कि सभी माताए गौ माता के लिए एक थाली भोजन जरूर निकाले| यह एक छोटा सा काम है लेकिन हम इस काम के जरिए एक बड़ी मूहीम चलाना चाहते हैं| जिसके द्वारा गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिल सके| 
श्री घनश्याम अग्रवाल जी ने अपनी धर्मपत्नी स्वर्गीय अनीता अग्रवाल की स्मृति में वार्षिक परीक्षा में स्थान प्राप्त भैया बहनों को छात्रवृत्ति प्रदान किए जाने के लिए 1,50,000 की राशि प्रदान की| 
श्री स्वप्निल श्रीवास्तव ने सभी अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुये कहा की आप अपने बच्चों का ख्याल तो रखे लेकिन उन्हें कमजोर ना बनाएं| उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएं|जिससे वे अपने भविष्य में आने वाले कठिन परिस्थितियों का सामना कर सके| श्रीमती रेखा तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर एक संस्था है जो सन 1951 में गोरखपुर से शुरू हुई| इस संस्था का मुख्य उद्देश्य किताबी शिक्षा न रहकर राष्ट्र सेवा, समाज सेवा रही है| इसका उद्देश्य बच्चों का शारीरिक,मानसिक एवं व्यवहारिक विकास करना है| शिशु नगरी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह भी रहा है कि विद्यालय में बच्चों को किस प्रकार से चित्र की, रंगों की, वस्तुओं की क्रियाआधारित पहचान कराई जाती है यह बात उनके माता-पिता भी जाने| इसके साथ उन्होंने शिशु वाटिका के 12 शैक्षिक आयामो के उद्देश्य को बताया| 
दिलीप वर्मा ने कहा की आप अपने बच्चों को आत्मनिर्भर बनने दे| उनकी हर जीद को पूरा करके उन्हें कमजोर ना बनाएं। अपने बच्चों को बताएं कि माता पिता किस तरह से काम कर अपना घर परिवार चलाते है।
 तत्पश्चात छोटे भैया बहनो के द्वारा भारत माता,छत्तीसगढ महतारी, राम-लक्ष्मण- सीता आदि बनकर विभिन्न प्रकार की वेशभूषा का प्रदर्शन किया गया| श्रीमती प्रभा वर्मा ने अपने उद्बोधन मे कहा की सरस्वती शिशु मंदिर के संस्कार यह है कि यहां के प्रत्येक बच्चे को मानस की चौपाई एवं हनुमान चालीसा आती है| यह इस विद्यालय की विशेषता रही है|
श्री दिलीप शर्मा ने इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित किया| साथ ही इस कार्यक्रम में उपस्थित सभी माताओ एवं पालको का आभार ज्ञापित किया| तत्पश्चात घनश्याम अग्रवाल जी की ओर से सभी माताओ को गौ माता के भोजन के लिए थालीया बाटी गयी| तत्पश्चात छोटे भैया बहनों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया | भैया बहनों के द्वारा कइ प्रकार के खेल प्रस्तुत किए गए | माताओ ने भी बहुत से खेलो में भाग लिया| तत्पश्चात सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया | खेलों में स्थान प्राप्त माताओ को घनश्याम अग्रवाल की ओर से 500 रुपये की राशि एवं विद्यालय की ओर से भेंट प्रदान की गई |कार्यक्रम के अंत में शिशु वाटिका सहप्रांत प्रमुख श्रीमती उर्मिला कश्यप ने सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्या भारती की योजना के अनुसार शिशुनगरी कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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