*धार्मिक आयोजनों से बढ़ती है सामाजिक समरसता : तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर*
*ग्राम मटिया (ह) और रेंगाकठेरा के धार्मिक आयोजनों में शामिल हुई जिला पंचायत अध्यक्ष*
*बालोद :-* बालोद जिले के ग्रामीण अंचलों में लगातार भक्ति और संस्कृति की बयार बह रही है। इसी कड़ी में बालोद जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने ग्राम मटिया (ह) और ग्राम रेंगाकठेरा में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ग्राम मटिया (ह) में आयोजित भव्य रामधुनी प्रतियोगिता के समापन अवसर पर पहुँचने पर ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष सहित अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। प्रतियोगिता में दूर-दराज से आई मंडलियों ने भगवान राम के भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि पूरा गाँव भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि रामधुनी भगवान राम के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलता है। भगवान राम का
चरित्र हमें मर्यादा और सेवा का मार्ग दिखाता है। इसके पश्चात जिला पंचायत अध्यक्ष ग्राम रेंगाकठेरा में आयोजित मानस गान प्रतियोगिता के समापन समारोह में सम्मिलित हुईं। यहाँ मानस मंडलियों द्वारा रामायण की चौपाइयों की संगीतमय व्याख्या की गई। श्रीमती चंद्राकर ने विजेता मंडलियों को पुरस्कृत करते हुए अपने संबोधन में कहा कि रामायण एक ग्रंथ मात्र नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। गाँव में ऐसे आयोजनों से न केवल आपसी भाईचारा बढ़ता है बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। श्रीमती चंद्राकर ने दोनों ही गाँवों में आयोजन समितियों के प्रयासों की सराहना की और अपनी ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस दौरान ग्राम मटिया(ह) में श्रीमती दशमत महेन्द्र रात्रे सरपंच, पुनीत राम साहू ग्रामीण अध्यक्ष, डॉ राजेन्द्र सार्वा कृपा राम साहू, रामखिलवान साहू पंच, जीवराखन गिर गोस्वामी, अनिल डहरे, परमानन्द देवांगन, महेश्वर यादव अध्यक्ष आयोजक समिति, कौशल सार्वा तथा ग्राम रेंगाकठेरा में रोमेश कुमार यादव सरपंच, दिलेश्वरी मोहन निषाद भूतपूर्व जनपद सदस्य, राजेन्द्र कुम्भकार बुथ अध्यक्ष, फत्तेलाल सेन अध्यक्ष आयोजक समिति, ओमप्रकाश धनकर, त्रिभुवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायत के पदाधिकारी, आयोजन समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित रहे। दोनों ही गाँवों में समापन समारोह बेहद गरिमामय रहा।