सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा में श्रीनिवास रामानुजन जयंती के उपलक्ष्य में गणित मेला का आयोजन किया गया।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा में श्रीनिवास रामानुजन जयंती के उपलक्ष्य में गणित मेला का आयोजन किया गया।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा में श्रीनिवास रामानुजन जयंती के उपलक्ष्य में गणित मेला का आयोजन किया गया।
तिल्दा नेवरा।
दिलीप वर्मा।

सरस्वती शिशु मंदिर उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय तिल्दा में श्रीनिवास रामानुजन जयंती के उपलक्ष्य में गणित मेला का आयोजन किया गया। 

उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती रानी सौरभ जैन(वार्ड क्र.21 की पार्षद) , श्रीसौरभ जैन ,श्रीअमरजीत पासवान , श्री स्वप्निल श्रीवास्तव ( सचिव विद्यालय प्रबंध समिति) , श्री मनीष शर्मा , श्री श्रवण कुमार साहू (प्राचार्य) ,गणित प्रभारी आचार्यश्री दीपक सोनवान , श्री देवीलाल पटेल के द्वारा मां सरस्वती, ओम, भारत माता एवं श्रीनिवास रामानुजन के छायाचित्रों पर दीप प्रज्ज्वलित एवं सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात् बच्चों द्वारा सभी अतिथियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात गणित विषय के प्रभारी श्री दीपक आचार्य जी के द्वारा श्रीनिवास रामानुजन के जीवन चरित्र के बारे में बताया गया कि वे बचपन से अभाव में जीवन यापन करते हुए गणित के क्षेत्र में महान गणितज्ञ साबित हुए। जिनके जन्म दिन कोआज हम गणित दिवस व गणित मेला के रुप में मना रहे हैं। इस अवसर पर बच्चों द्वारा निबंध,रंगोली, गणित चार्ट (पोस्टर), गणित माडल,गणितीय व्यंजन, सीधी गिनती,उल्टी गिनती, पहाड़ा, उल्टा पहाड़ा इत्यादि कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए । मुख्य अतिथि श्रीमती रानी सौरभ जैन के द्वारा बच्चों के कार्यक्रम की बहुत प्रशंसा करते कहा गया कि हमारे दैनिक जीवन में हर जगह ,हर क्षण -क्षण में गणित समाया हुआ है। सुबह जागरण से लेकर रात्रि सोते तक हमारी पूरी दिनचर्या गणित पर निर्भर करता है।गणित के बिना कोई काम संभव नहीं है।ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहाँ पर गणित की जरूरत न हो। हम अपने जीवन में प्रतिदिन गणित का उपयोग करते हैं।इस कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए शाला परिवार को मैं हृदय सेआभार व्यक्त करती हूँ। शाला प्रबंध समिति के सचिव श्री स्वप्निल श्रीवास्तव के द्वारा बच्चों से कुछ प्रश्न किया गया।श्री निवास रामानुजन के जीवन के बारे में जानकारी दिया गया कि जब प्रोफेसर हार्डी श्रीनिवास रामानुजन से मिलने गए उस समय वे बीमार थे।प्रोफेसर हार्डी के गाड़ी के नम्बर 1729 को देखकर उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी दो घन संख्याएँ है जिनका योग इतना प्राप्त होता है।अर्थात 12 का घन और 1 का घन, दोनों का योगफल 1729 होगा।तभी से इस संख्या को रामानुजन संख्या के नाम से गणित विषय में पढ़ते हैं। वेगणित के बहुत सारे प्रमेय प्रोफेसर हार्डी को लिख कर दिए थे।बहुत ही कम उम्र में गणित क्षेत्र में अपना नाम रोशन किए और पढ़ने के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय चले गए ।अल्पायु में ही गणित के क्षेत्र में महान गणितज्ञ के नाम से भारत देश का नाम रोशन कर गए।श्री मनीष शर्मा के द्वारा हर बच्चों को ऐसे कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विशेष अतिथि श्री सौरभ जैन के द्वारा गणित मेला में प्रतिभा दिखाने वाले बच्चों की प्रशंसा करते हुए सभी बच्चों को सदैव गणित के क्षेत्र में आगे बढ़ने के साथ अपने अंदर छिपी हुई प्रतिभा को उजागर करते रहने के लिए कहा गया।जीवन में आगे बढे़ अपने साथ,अपने माता ,पिता, गुरुजन विद्यालय व देश का भी नाम रोशन करें। श्रीनिवास रामानुजन जंयती के उपलक्ष्य में आयोजित गणित मेला में भाग लिए इसके लिए आप सभी को बहुत -बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। तत्पश्चात् कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी बच्चों को रानी सौरभ जैन के द्वारा पेन भेंट कर उनका उत्साह वर्धन किया गया। इसके पश्चात विद्यालय के प्राचार्य द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। अंत में कल्याण मंत्र के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम की जानकारी श्रीमती शीला साहू दीदी जी के द्वारा दी गई।

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