*सामाजिक समरसता के अग्रदूत थे गुरु घासीदास : तारणी चंद्राकर*
*ग्राम हड़गहन में धूमधाम से मनाई गई गुरु घासीदास जयंती*
*बालोद :-* जिले के ग्राम हड़गहन में सतनामी समाज द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी संत बाबा घासीदास जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। उक्त जयंती समारोह में बालोद की जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई, इस दौरान विशिष्ट अतिथि कांति सोनबरसा जिला पंचायत सभापति, , जनपद पंचायत अध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडीहोहरा, प्रभा नायक सभापति जिला पंचायत बालोद, शकुंतला बघेल सरपंच ग्राम पंचायत हड़गहन, श्रीमती अनूपी भूआर्य जनपद सदस्य, शोभित यादव जनपद सदस्य,नंदकुमार ठाकुर पूर्व सरपंच, टिनेश्वर बघेल भाजपा जिला उपाध्यक्ष बालोद, सुरेश साहू मण्डल अध्यक्ष सुरेगांव, सीआर गौतम सेवानिवृत शिक्षक, रामलाल नायक, प्रकाश सोनबरसा, बेदलाल देवांगन, पंथी पार्टी के कलाकार तथा समाज के गणमान्य लोग उपस्थित हुए। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने अन्य अतिथियों के साथ सर्वप्रथम जैतखंभ एवं बाबा गुरु घासीदास जी की पूजा-अर्चना कर
क्षेत्रवासियों की सुख, समृद्घि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुये कहा कि बाबा गुरुघासीदास ने ऊंच-नीच के भेद भाव को मिटाने के लिए सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। वे सामाजिक समरसता के अग्रदूत हैं। घासीदास जी के उपदेश समाज के सभी वर्गों के लोगों के लिए वर्तमान युग में भी आवश्यक हैं। गुरु घासीदास जी के व्यक्तित्व-कृतित्व एवं शिक्षाओँ को समझकर अपने व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। वे सामाजिक समरसता के प्रणेता हैं। गुरु घासीदास जी को युग दृष्टा के रूप में वर्तमान युग से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि उनके उपदेश आज भी मार्गदर्शक हैं। जिला पंचायत सदस्य कांति सोनवर्षा ने कहा कि बाबा घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने से ही सामाजिक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा। बाबा गुरु घासीदास ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश देकर विभिन्न समाजों को एक माला में पिरोने का कार्य किया। जिला पंचायत सभापति प्रभा नायक ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने अपने प्रेरक संदेश में कहा था कि सत्य ही मानव की असली आभूषण है। सत्य के संदेश को अपने आचरण में उतारकर सतगुणी बनने की उन्होंने प्रेरणा दी थी। उनके विचार सिर्फ एक समाज नहीं अपितु संपूर्ण मानव समाज के लिए है। इस दौरान बड़ी संख्या में सतनामी समाज के लोग व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।