*आधुनिक पद्धति से धान मिसाई, किसानों को समय व लागत में बड़ी बचत*

*आधुनिक पद्धति से धान मिसाई, किसानों को समय व लागत में बड़ी बचत*

*आधुनिक पद्धति से धान मिसाई, किसानों को समय व लागत में बड़ी बचत*
*आधुनिक पद्धति से धान मिसाई, किसानों को समय व लागत में बड़ी बचत*
खरोरा 
 ग्राम मुड़पार में इस वर्ष किसानों ने पारंपरिक तरीके को छोड़कर आधुनिक पद्धति से थ्रेशर मशीन द्वारा धान मिसाई शुरू कर दी है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से किसानों को जहां समय की बचत हो रही है, वहीं मजदूरों की कमी की समस्या से भी राहत मिल रही है।
गाँव के प्रगतिशील किसान शोभित राम निषाद सहित अन्य किसानों ने बताया कि मजदूर नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में थ्रेसर मशीन किसानों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। इस मशीन से मात्र 2 घंटे में प्रति एकड़ धान की मिसाई हो जा रही है।
इस वर्ष धान फसल में कीट प्रकोप, माहुर बीमारी और दुरशन के चलते उत्पादन में कमी आई है, जिससे किसान पहले से ही चिंतित हैं। दूसरी ओर धान मिसाई हो जाने के बाद भी किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल पा रहा है। शासन द्वारा शुरू किए गए “तुम्हर हाथ तोहार टोकन” ऐप में मात्र 5–10 मिनट की समय सीमा रहती है, जो सर्वर डाउन या अन्य तकनीकी कारणों से समाप्त हो जाती है।
किसानों का कहना है कि समय सीमा कम होने के कारण वे अपने धान को सोसाइटी में तय समय पर विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने शासन से टोकन समय सीमा बढ़ाने की मांग की है, ताकि वे निर्धारित अवधि में अपना धान बेच सकें।
मजदूर दिनेश कुमार यादव, रामकुमार यादव, महेश कुमार यादव और थ्रेसर मालिक भुनेश्वर प्रसाद वर्मा ने बताया कि आधुनिक थ्रेसर मशीन से धान की मिसाई अधिक साफ-सुथरी और कम समय में हो जाती है, जिससे किसान को काफी लाभ मिलता है।

किसानों ने शासन से विनम्र अपील की है कि टोकन समय सीमा बढ़ाई जाए, जिससे उनके धान की खरीदी समय पर हो सके।

जय छत्तीसगढ़ – छत्तीसगढ़ महतारी की जय
श्री रोहित वर्मा जी की खबर

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3