*डॉ. प्रतीक उमरे ने डोंगरगढ़ पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव से विशेष इंतजाम की मांग की*

*डॉ. प्रतीक उमरे ने डोंगरगढ़ पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव से विशेष इंतजाम की मांग की*

*डॉ. प्रतीक उमरे ने डोंगरगढ़ पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव से विशेष इंतजाम की मांग की*
*डॉ. प्रतीक उमरे ने डोंगरगढ़ पदयात्रियों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव से विशेष इंतजाम की मांग की*
दुर्ग नगर निगम के पूर्व एल्डरमैन भाजपा नेता डॉ. प्रतीक उमरे ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ से डोंगरगढ़ जाने वाले पदयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम करने की मांग की है।यह मांग हाल ही में हुई एक दुखद घटना के संदर्भ में की गई है,जहां डोंगरगढ़ माता बम्लेश्वरी के दर्शन करने जा रही एक युवती की अज्ञात वाहन की ठोकर से मौत हो गई।डॉ. प्रतीक उमरे ने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की है ताकि नवरात्रि पर्व के दौरान पदयात्रा करने वाले लाखों श्रद्धालुओं की जान-माल की रक्षा हो सके।डॉ. प्रतीक उमरे ने कहा कि डोंगरगढ़ पदयात्रा छत्तीसगढ़ की एक प्राचीन धार्मिक परंपरा है, जो हर वर्ष नवरात्रि के दौरान विभिन्न जिलों से हजारों श्रद्धालुओं को मां बम्लेश्वरी मंदिर की ओर आकर्षित करती है।हालांकि सड़क मार्गों पर बढ़ते यातायात, अपर्याप्त सुरक्षा उपायों और असामाजिक तत्वों के कारण पदयात्रियों को लगातार खतरे का सामना करना पड़ता है।हाल की घटना जिसमें एक युवती की अज्ञात वाहन से टक्कर में मौत हो गई, इस समस्या की गंभीरता को उजागर करती है।ऐसी घटनाएं न केवल परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति हैं,बल्कि धार्मिक आस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।यह घटना पदयात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही को दर्शाती है।भविष्य में ऐसी कोई घटना न दोहराई जाए इसके लिए इस दिशा में राज्य सरकार को तत्वरित कार्यवाही करना आवश्यक है।

उन्होंने मुख्य सचिव से अपील की है कि राज्य सरकार द्वारा निम्नलिखित विशेष व्यवस्थाएं की जाएं:

सड़क सुरक्षा उपाय: पदयात्रा के प्रमुख मार्गों पर पुलिस चौकसी बढ़ाई जाए, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की जाए, तथा हिट-एंड-रन मामलों के लिए सख्त निगरानी प्रणाली लागू की जाए।

स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सुविधाएं: मार्ग पर मोबाइल एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और जल वितरण स्टेशन स्थापित किए जाएं, विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए।

भीड़ प्रबंधन और निगरानी: यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग, आराम स्थल और मौसम संबंधी अलर्ट सिस्टम की व्यवस्था,साथ ही ड्रोन सर्विलांस से भीड़ की निगरानी।

महिला सुरक्षा: महिलाओं और युवतियों के लिए विशेष सुरक्षा दलों की तैनाती, हेल्पलाइन नंबर और जीपीएस ट्रैकिंग ऐप का विकास।

समन्वय एवं जागरूकता: स्थानीय प्रशासन,पुलिस,स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक टास्क फोर्स का गठन,साथ ही पदयात्रियों के लिए सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जाए।

भवदीय 
डॉ. प्रतीक उमरे 
पूर्व एल्डरमैन 
नगर निगम दुर्ग।

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