*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया में "सुरक्षित शनिवार" कार्यक्रम के तहत बाल सुरक्षा एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
*शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया में "सुरक्षित शनिवार" कार्यक्रम के तहत बाल सुरक्षा एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित*
मुख्यमंत्री शाला सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया में "सुरक्षित शनिवार" कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बार कार्यक्रम का मुख्य विषय "बाल सुरक्षा एवं चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098" रहा। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित रहने के विभिन्न उपायों से अवगत कराना, बाल अधिकारों की जानकारी देना तथा बच्चों को हर प्रकार की आपदा या संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने बच्चों को उनके अधिकारों, जिम्मेदारियों एवं सुरक्षा से जुड़ी बुनियादी बातों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में बाल सुरक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, और इसके लिए बच्चों को स्वयं भी सजग रहना आवश्यक है।
विशेष सत्र में शिक्षक तारकेश्वर कुमार धीवर ने बच्चों को घरेलू, विद्यालयीन एवं सार्वजनिक स्थानों पर अपनाई जाने वाली सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से समझाया। संगम कुमार मन्ना डे ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए बताया कि यह नंबर 24 घंटे निःशुल्क सेवा प्रदान करता है, जहां किसी भी प्रकार के शोषण, उपेक्षा, हिंसा या संकट की स्थिति में बच्चे सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने हेल्पलाइन के कार्यप्रणाली की भी जानकारी दी, जिससे बच्चों को यह विश्वास हो सके कि वे कभी भी मदद मांग सकते हैं।
मैडम भारती तांती ने बाल अधिकारों पर एक संवादात्मक सत्र का संचालन किया, जिसमें बच्चों को उनकी शिक्षा, सुरक्षा, पोषण और सम्मान से जुड़े अधिकारों के बारे में बताया गया। बच्चों ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी की, अपनी जिज्ञासाएं व्यक्त कीं और कई सवाल पूछे जिनका समाधान शिक्षकों द्वारा सहजता से किया गया।
कार्यक्रम में बालिकाओं को आत्मरक्षा से जुड़े सरल उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे वे अपने आत्मविश्वास को मजबूत कर सकें। सभी प्रतिभागियों को अंत में "1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन" की एक छोटी सूचना पर्ची भी प्रदान की गई ताकि वे इसे हमेशा याद रखें और आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग कर सकें। इस संपूर्ण आयोजन ने विद्यार्थियों में न केवल सुरक्षा के प्रति सजगता उत्पन्न की, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया कि किसी संकट की घड़ी में चुप रहना नहीं, बल्कि सही माध्यम से सहायता प्राप्त करना ही समझदारी है।
कार्यक्रम के अंत में प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्टाफ को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जीवन की कठिन परिस्थितियों से लड़ने के लिए तैयार होते हैं।
यह कार्यक्रम विद्यालय परिवार के समर्पण और जागरूकता की एक सशक्त मिसाल बनकर सामने आया।