*खरोरा अंचल में वट सावित्री पूजन भक्तिभाव एवं सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाई गई*
खरोरा अंचल में वट सावित्री व्रत का पावन पर्व इस वर्ष भी परंपरा, श्रद्धा और सांस्कृतिक समरसता के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही महिलाओं में व्रत को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। व्रती महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर वट वृक्ष के नीचे एकत्र होकर विधिपूर्वक पूजन-अर्चन किया और सावित्री-सत्यवान की कथा का श्रवण कर परिवार की सुख-समृद्धि, सौभाग्य और पति की दीर्घायु की कामना की। खरोरा क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों एवं सार्वजनिक वटवृक्ष स्थलों पर रंगोली, फूलों और दीपों से सजावट की गई थी। ढोल-नगाड़ों और भजनों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा करते हुए लाल सूत बांधकर मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। व्रती महिला श्रीमती यामीन वर्मा ने कहा, "वट सावित्री व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह नारी शक्ति के आत्मबल, समर्पण और संस्कृति के प्रति अटूट आस्था का प्रतीक है। आज की पीढ़ी को चाहिए कि वह इन पारंपरिक मूल्यों को आत्मसात कर समाज को नई दिशा दे।"
महिलाओं ने सामूहिक रूप से सावित्री व्रत कथा का वाचन किया, भजन-कीर्तन में भाग लिया और अंत में प्रसाद वितरण कर आयोजन को पूर्णता प्रदान की।