एकलव्य महाविद्यालय डौण्डीलोहारा के तत्कालिक प्रभारी प्राचार्य राजू लाल कोसरे के विरूद्ध कार्यवाही कर निलंबित कर छात्रहित में फैसला देने पर एबीवीपी ने छग सरकार का आभार किया
एकलव्य महाविद्यालय डौण्डीलोहारा के तत्कालिक प्रभारी प्राचार्य राजू लाल कोसरे के विरूद्ध कार्यवाही कर निलंबित कर छात्रहित में फैसला देने पर एबीवीपी ने छग सरकार का आभार किया
शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौण्डीलोहारा जिला बालोद के तत्कालिक प्रभारी प्राचार्य राजू लाल कोसरे सहायक प्राध्यापक के विरूद्ध महाविद्यालय के जनभागीदारी समिति के पैसो से सामग्री खरीदी में अनियमितता के संबंध में जांच प्रतिवेदन हुआ है। जिसके आधार पर शासकीय एकलव्य महाविद्यालय डौण्डीलोहारा जिला- बालोद में जनभागीदारी मद की राशि से सामग्री क्रय करने में भंडार क्रय नियमों का पालन नही किया जाना एवं लेखाओं का संधारण नही किये जाने तथा अन्य गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिसके लिए राजू लाल कोसरे / तत्कालिक प्रभारी प्राचार्य, के द्वारा किया गया उक्त कृत्य नियमों की अवहेलना एवं शासकीय कार्य के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है, जो कि छ.ग. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है। उक्त कृत्यों के लिये छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील)नियम-1966 के नियम-14 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्यवाही किया गया तथा राजू लाल कोसरे / तत्कालीक प्रभारी प्राचार्य, को उनके उक्त कृत्यों के लिये छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित किया।
भ्रष्टाचार से लुप्त तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य/सहायक प्राध्यापक जंतु विज्ञान राजूलाल कोसरे को कार्यवाही कर निलंबित करने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने छत्तीसगढ़ सरकार तथा उच्च शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया तथा छात्र हित में फैसला देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला संयोजिका मनीषा राणा तथा नगर मंत्री डौंडीलोहारा दीपेश साहू, ने बताया कि राजूलाल कोसरे द्वारा महाविद्यालय में प्राभारी प्राचार्य पद पर रहते हुए उनके खिलाफ महाविद्यालय से सम्बंधित बहुत से शिकायतें दर्ज किया गया है जिसमें महाविद्यालय में नैक ग्रेड के समय भी सौंदर्यकरण तथा नैक कार्य के नाम पर महाविद्यालय फंड, रेडक्रास सोसायटी फंड ,जनभागीदारी समिति के पैसे से सामग्री खरीदी व अन्य कार्यों के नाम से मनमानी बिल प्रस्तुत कर भ्रष्टाचार किया गया है। साथ ही छात्रों को आवाज उठाने पर टी.सी देने की धमकी तक दिया गया था। प्रभारी प्राचार्य रहते महाविद्यालय में अंधविश्वास के तहत महाविद्यालय में भभूत छीडकाव कर अन्य कर्मचारियों को भ्रमित करने का भी प्रयास किया गया । जिसके सम्बन्ध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा विरोध प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय घेराव भी किया गया था तथा उच्च शिक्षा विभाग में तत्काल करवा ही हेतु शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया था।