नक्सली संगठन मारे गये साथियों को नही स्वीकारता, मज़बूरी मे दो साथियों का नाम किया उजागर बाक़ी मारे गये साथियों के साथ किए अन्याय: फ़ारूख अली

नक्सली संगठन मारे गये साथियों को नही स्वीकारता, मज़बूरी मे दो साथियों का नाम किया उजागर बाक़ी मारे गये साथियों के साथ किए अन्याय: फ़ारूख अली

नक्सली संगठन मारे गये साथियों को नही स्वीकारता, मज़बूरी मे दो साथियों का नाम किया उजागर बाक़ी मारे गये साथियों के साथ किए अन्याय: फ़ारूख अली

नक्सली संगठन मारे गये साथियों को नही स्वीकारता, मज़बूरी मे दो साथियों का नाम किया उजागर बाक़ी मारे गये साथियों के साथ किए अन्याय: फ़ारूख अली



सुकमा जनवरी 30 तारीख़ को सुकमा बीजापुर सीमा पर सुकमा ज़िला के टेकलगुड़म मुठभेड़ हुआ था,जिसमें 3 जवान शहीद हुए और 14 जवान घायल हुए उसी घटना मे 6 से 7 नक्सली मारे गये एवं लगभग देढ दर्जन से ज़्यादा नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए।

नक्सलियों द्वारा पर्चा जारी कर एक महिला सहित दो नक्सलियों के मारे जाने की बात स्वीकार की साथ ही कुछ सामग्री एवं दो साथियों की तस्वीरों को जारी किया।नक्सली पर्चे का जवाब देते हुए नक्सल विरोधी विचारक फ़ारूख अली ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा नक्सली अपने मारे गये साथियों को नही स्वीकारते,फ़ारूख ने कहा नक्सली पर्चा जारी कर मजबूरी मे दो साथियों की तस्वीरें जारी किए क्यों की हर तरफ़ चर्चा थी के मारी गई राजे हिडमा की पत्नी है,और नक्सलियों को मजबूरी मे तस्वीर जारी कर सफ़ाई देनी पड़ी मगर नक्सलियों ने अपने मारे गये बाक़ी साथियों का ज़िक्र नही किए।

फ़ारूख अली ने आगे कहा नक्सली संगठन द्वारा जिन सामग्री को दर्शाये पिट्ठू बैग मैगजीन ऐसे समान मुठभेड़ के समय इधर उधर बिखरते ही हैं। फ़ारूख अली ने नक्सलियों पे तंज कसते हुए कहा नक्सली घबरा गये क्यों की नक्सलियों का आधार क्षेत्र हिडमा का गढ़ मे सुरक्षा बलों ने कील ठोक दी,आस पास के लोग कैंप के स्थापित होने से बहुत खुश हैं क्यों की दहशत से उन्हें मुक्ति मिली विकास के रास्ते खुले।

फ़ारूख अली ने आगे कहा नक्सली जवानों को नुक़सान पहुँचाने आईईडी लगाते हैं जिसके चपेट मे आकर कई मासूम बच्चे,पुरुष,महिला,वृद्ध मवेशियों की मृत्यु हुई और कई गंभीर रूप से घायल हुए,फ़ारूख ने अपील करते हुए कहा जनता नक्सलियों का विरोध करे के इस तरह आईईडी लगाकर जनता को न मारे।

फ़ारूख अली ने आगे कहा जनता को डरने की ज़रूरत नही है अब ज़्यादा दिन नक्सलियों का आतंक झेलना नही पड़ेगा,नक्सलियों का सफ़ाया होगा।फ़ारूख अली ने स्थानीय नक्सलियों से अपील किया है के अब भी मौक़ा है आत्मसमर्पण करें बाहरी नक्सलियों के बहकावे में न आयें,नक्सली संगठन मे मरने के बाद संगठन आपको पहचानने से भी इनकार कर देता है।

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