संतों एवं राम भक्तों के किए गए परिश्रम का प्रतिफल श्री राम जी ने दे दिया: संत श्री राम बालक दास महाराज
संतों एवं राम भक्तों के किए गए परिश्रम का प्रतिफल श्री राम जी ने दे दिया: संत श्री राम बालक दास महाराज
छत्तीसगढ़ के संत रामबालक दास जी आज लखनऊ से अयोध्या जाते समय पत्रकारों से सिंधी भवन में चर्चा करते हुए बोले की 1990 कि वह कड़ाके की ठंडी नवंबर का महीना हम सभी गोरखपुर तक ट्रेन में आए गोरखपुर के पहले भी दो-तीन स्टेशनों में हमें ट्रेन से उतारा गया कहा गया अयोध्या मत जाओ लेकिन करीब 100 से ऊपर संतों का टोली थी जिनके साथ 12 वर्ष के उम्र में हम भी थे संत जी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के 22 लोगों की टीम थी जिसमें संघ विश्व हिंदू परिषद एवं संतों की टोली थी गोरखपुर के बाद वह कठिन यात्रा शुरू हुई इसके बारे में हमने सोचा भी नहीं था जगह-जगह पुलिस ऐसी लगी हुई थी जैसे अयोध्या जाना तो दूर अयोध्या की सरहद में भी हम नहीं पहुंच पाएंगे पर अवध प्रांत के प्रांत संयोजक भैया जी ने कहा कि आप सभी को हम गांव के रास्ते ले जाएंगे ,,
अयोध्या क्षेत्र के गांव गांव में लोगों ने रोटी और अचार की व्यवस्था कर रखी थी कई जगह पर माताओ ने घडा भर कर पानी खेतों में रख दिए थे ताकि अयोध्या जाने वाले कारसेवकों को परेशानी ना हो कड़ाके की ठंड में काले रंग की झिल्ली ओढकर खेतों में रात को सोना पड़ा तीन रात खेतों में गुजार कर कही पैदल तो कहीं पर बैलगाड़ी और ट्रैक्टरों का सहारा लेते हुए आखिरकार चौथे दिन सरयु नदी के पास पहुंचे आगरीका गांव के किसानों ने लकड़ी की बनी नावों से लगभग 200 से 300 लोगों को नदी पार कराया और इस तरह हम अयोध्या धाम पहुंचे उस समय अयोध्या की मिट्टी को प्रणाम करके हम रो पड़े थे कि अयोध्या आपने आज हमें बुला ही लिया कार सेवा करने वाले भारत के राम भक्तों का हृदय आज गर्व से चौड़ा हो रहा है ,,संत श्री राम बालक दास जी ने कहा कि वह अपने 12 वर्ष के बचपन के कारसेवा को कभी नहीं भूल सकते और आज अयोध्या पहुंचकर अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं अयोध्या में कल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में सम्मिलित होने अवसर मिलेगा यह सोचकर ही मन बड़ा हर्षित हो रहा है संत श्री पूरे छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या पहुंच रहे हैं इस अवसर पर सौरभ लालवानी ,मुकेश खन्ना ,त्रिलोक मिश्रा, एवं लखनऊ प्रांत के संयोजक उपस्थित रहे सिंधी पंचायत लखनऊ के द्वारा संत श्री को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया