भूपेश सरकार रासुका कानून लगाकर आपातकाल थोपना चाहती है-अनीता ध्रुव

भूपेश सरकार रासुका कानून लगाकर आपातकाल थोपना चाहती है-अनीता ध्रुव

भूपेश सरकार रासुका कानून लगाकर आपातकाल थोपना चाहती है-अनीता ध्रुव

भूपेश सरकार रासुका कानून लगाकर आपातकाल थोपना चाहती है-अनीता ध्रुव

भूपेश का आपातकाल नही भूलेगा आदिवासी


धर्मांतरण का विरोध करने वाले भोले-भाले आदिवासियों पर छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल कांग्रेस सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने का विरोध करते हुए भाजपा आदिवासी नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य अनीता ध्रुव ने कांग्रेस सरकार के संरक्षण में धर्मांतरण करने का आरोप लगाया है। अनीता ध्रुव ने बताया की छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों से उलट पक्षपात और द्वेषवश लगातर कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में अभी शासन ने संदिग्ध तरीके से प्रदेश पर रासुका आरोपित कर दिया है। उन्होंने कानून का निष्प्रभारी करने की मांग की। आदिवासी नेत्री ने मांग किया है कि छत्तीसगढ़ में रासुका जैसे दमनात्मक कानून तत्काल निष्प्रभावी हो। इसके साथ ही धर्मांतरण के व्यवसाय में लगे लोगों के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्यवाही किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार निर्दोष लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करना तत्काल बंद करे। कहा कि प्रदेश की कांग्रेस पुनः आपातकाल थोपना चाहती है। रासुका कानून का दुरुपयोग कर वह विपक्ष के नेताओं पर दवाब बनाकर जनता की आवाज को पूरी तरह से दबाना चाहती है। नारायणपुर में हुई घटना के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा तीन जनवरी को रासुका कानून लगा दिया गया, जो न्यायोचित नहीं है। अनीता ध्रुव ने कहा कि रासुका की जरूरत आखिर प्रदेश सरकार को क्यों पड़ रही है? धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाली ये सरकार आखिर क्या करना चाह रही है? क्या मुख्यमंत्री को अपने कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं है।
अनीता ध्रुव ने यहाँ भी बताया कि भूपेश सरकार के नाकामी के चलते लोक सेवा आरक्षण संशोधन विधेयक के अपास्त होने से सुदूर अंचल के छात्र जो सुविधाओं की कमी के बावजूद अपनी मेहनत व लगन से शिक्षा ग्रहण कर स्थानीय भर्ती के माध्यम से नौकरी पाते थे वह अब अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे॥ भूपेश सरकार के इस आपातकाल को आदिवासी नही भूलेगा॥

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