समाज में खुशियां बांटना ही सर्वोत्तम दान है - रेखा आहूजा संयोजिका सेवा एक नई पहल

समाज में खुशियां बांटना ही सर्वोत्तम दान है - रेखा आहूजा संयोजिका सेवा एक नई पहल

समाज में खुशियां बांटना ही सर्वोत्तम दान है - रेखा आहूजा संयोजिका सेवा एक नई पहल

समाज में खुशियां बांटना ही सर्वोत्तम दान है - रेखा आहूजा संयोजिका सेवा एक नई पहल 

बिलासपुर कटनी मार्ग के उपेक्षित रेलवे स्टेशन सलका रोड से लगा हुआ गांव है नवांगाव - इसी नवा गांव के सरस्वती शिशु मंदिर के नन्हे मुन्ने शिशुओं व ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए एक नई पहल की संयोजिका रेखा आहूजा जी ने कहा कि दान की सार्थकता तभी है जब लेने और देने वाले दोनो में खुशी हो - जबरदस्ती करवाया गया दान परम्परा निर्वाह मात्र बनकर रह जाता है - कार्यक्रम में सर्व प्रथम सरस्वती वंदना कर विश्व शान्ति सदभाव की कामना कर स्कूल के प्रतिभावान छात्र छात्राओं को मैडल पहना कर सम्मानित किया गया तत्पश्चात् स्कूल के भवन हेतु चार सीलिंग फैन तथा सभी विद्यार्थियों में कंपास बॉक्स , मौजे , केक मिष्ठान , छात्राओं के विशेषतः समीज व अंडर गारमेंट खेल सामग्री रस्सी कूद व लूडो आदि युवाओं को बेट बाल , स्कूल के बच्चों के लिए मोज़े,आंगन बाड़ी के बच्चों में रंग बिरंगी खिलौने तथा पधारे हुए सभी ग्राम वासियों के लिए गमछे और कपड़े वितरण किए गए - इस भाव भीने आयोजन के लिए शाला प्राचार्या रुचि जयसवाल जी ने युवा समाज सेवी पूनम बजाज , सरोज अग्रवाल, कविता सुनील चिमनानी, रूपल चांदवानी ,लावण्या सुनील तोलानी , अंजु लाल , साबिर भाई , शाला व्यवस्थापक मोहित जयसवाल व संस्था के संस्थापक सतराम जेठमलानी के प्रति आभार व्यक्त किया

श्री विजय दुसेजा जी की खबर 

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