मेरे सतगुरु आप मुझे मत भूलना चाहे दुनिया भूल चाहे नहीं तो में मर जाऊंगा ,, संत लाल साई

मेरे सतगुरु आप मुझे मत भूलना चाहे दुनिया भूल चाहे नहीं तो में मर जाऊंगा ,, संत लाल साई

मेरे सतगुरु आप मुझे मत भूलना चाहे दुनिया भूल चाहे नहीं तो में मर जाऊंगा ,, संत लाल साई

मेरे सतगुरु आप मुझे मत भूलना चाहे दुनिया भूल चाहे नहीं तो में मर जाऊंगा ,, संत लाल साई

श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चकरभाटा के संत लाल साई जी का सत्संग का आयोजन श्री झूलेलाल मंदिर हेमू नगर बिलासपुर में आयोजित किया गया रात्रि 9:00 बजे से 11:00 बजे तक साईं जी का आगमन जैसे हुआ भक्तों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया फूलों की वर्षा की गई आतिशबाजी की गई आरती की गई। तत्पश्चात सत्संग की शुरुआत भगवान झूलेलाल बाबा गुरमुख दास जी की मूर्ति पर माला अर्पण कर दीप प्रज्वलित करके की गई।
इस अवसर पर अनिल पंजवानी रवि रूपवानी के द्वारा कई भक्ति भरे भजन गाए गए जिसे सुनकर भक्तजन भाव विभोर हो गए सत्संग में साईं जी ने अपनी अमृतवाणी में कहा कि आजकल लोग दुख में ही भगवान को याद करते हैं वह संतो के पास आते हैं मंदिर में जाते हैं और जैसे ही दुख दर्द दूर हो जाते हैं आना बंद कर देते हैं और कुछ लोग ऐसे हैं जिनका विश्वास जल्दी डगमगा जाता है अपने गुरु पर अपने भगवान पर भरोसा नहीं रहा और ऐसे ही लोग तकलीफ में वह लालच में अपने धर्म को छोड़कर अन्य धर्म अपना रहे हैं
 धर्मांतरण। मतलब है अपने धर्म को छोड़कर अन्य धर्म में जाना और अन्य धर्मों में जाकर आपका कभी भी उद्धार नहीं होगा ना आपको मोक्ष मिलेगा ना आपको शांति मिलेगी पल भर के लिए सकून मिल सकता है पर जिंदगी भर अफसोस रहेगा जो व्यक्ति अपने धर्म का नहीं हुआ वह अन्य धर्म का क्या होगा हिंदू सनातन धर्म है और हमें खुशी है हमें गर्व है कि हम हिंदू हैं हमने हिंदू परिवार में जन्म लिया है अपने धर्म के खातिर उसकी रक्षा के लिए भगवान झूलेलाल ने जन्म लिया धर्म के खातिर ही उसकी रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने सिंध छोड़ा पर धर्म को नहीं छोड़ा जो व्यक्ति धर्म की रक्षा के लिए जिस चीज का त्याग करता है भगवान उसे वहीं चीज वापस देते हैं जैसे सिंधी समाज धर्म की रक्षा के लिए धन दौलत घर जमीन जायदाद सब छोड़ कर आ गए आज भगवान झूलेलाल की कृपा से सिंधी समाज पुरुषार्थी समाज संपन्न समाज है जिस चीज का त्याग करके धर्म को बचाने के लिए यहां आए थे आज सब उनको वापस मिल गई।
पर कुछ लोग ऐसे हैं जो भ्रामक प्रचार करके लोगों को गलत राह पर ले जा रहे हैं भगवान ने हमें सद्बुद्धि दी है उसका इस्तेमाल करें अपने गुरु पर अपने इष्ट देव पर विश्वास करें भगवान परीक्षा लेता है यह तो कलयुग है सतयुग में द्वापर युग में भी ने भगवान जब अवतार लिया उन्हें भी बहुत तकलीफ हुई परेशानी हुई लेकिन जीत सत्य की हुई धर्म की हुई आज का दिन बड़ा भाग्यशाली है क्योंकि सावन महा आरंभ हो चुका है और दूसरी तरफ झूलेलाल चालिहा उत्सव भी देशभर में आरंभ हो चुका है बिलासपुर में भी 19 तारीख को आरंभ होगा इन पवित्र दिनों में सभी लोग भक्ति करें दान पुण्य करें पूजा पाठ करें सबसे सरल भगवान हैं जो जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं वह है भगवान भोलेनाथ ओर भगवान झूलेलाल भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ा दे थोड़ा सा जल चढ़ा दे उससे ही भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं

वैसे ही भगवान झूलेलाल के सामने खड़े होकर आप अगर पल्लव पाते हैं श्रद्धा भक्ति से प्रार्थना करते हैं तो आपकी मनोकामना पूरी हो जाती है दोनों भगवान भोले हैं भक्तों पर हमेशा कृपा बनाए रखते हैं और जल्दी प्रसन्न होते हैं
साईं जी के द्वारा भी कई भक्ति भरे भजन गाए जिसे सुनकर भक्तजन झूम उठे
बोल बम बोल बम प्यारे भक्त बोल बम 


चल कांवरिया चल कांवरिया शिव के धाम 

सुहरना रास्ता सजायो झूलेलाल जो चलीहो आयो आ

दिल करे तो भाऊ गुरमुखदास मोटी इनो भक्त जा दुखड़ा दूर कनो 



जो झूलेलाल का दीवाना है वह नाच के तो दिखाए जिसको नाचना नहीं आता है वह ताली तो बजाये 

गुरु शिष्य का नाता अनमोल है इसमें ना कोई खोट है

भक्तों के द्वारा साई जी की पूजा अर्चना की गई साफ जल से दूध से पांव को धोया गया फूल अर्पित किए गए
 माथे पर चंदन तिलक लगाया गया आरती की गई फूल माला पहनाई गई वह साई जी ने आशीर्वाद दिया 
कार्यक्रम आखिर में आरती की गई अरदास की गई विश्व कल्याण के लिए पल्लो पाया गया प्रसाद वितरण किया गया
आज के इस आयोजन को सफल बनाने में बाबा गुरमुखदास सेवा समिति बिलासपुर पूज्य सिंधी पंचायत हेमू नगर के सभी सेवा दरियों का विशेष सहयोग रहा।


श्री विजय दुसेजा जी की खबर

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