इस पृथ्वी पर जब भगवान भी अवतार लेते हैं तो उन्हें भी परीक्षा देनी पड़ती है - संतलाल साईं
श्री झूलेलाल मंदिर हेमू नगर बिलासपुर में भगवान झूलेलाल जी की छठी बड़े हर्षो उल्लास के साथ मनाई गई इस अवसर पर श्री झूलेलाल मंदिर झूलेलाल नगर चकरभाटा के संत लाल साई जी के द्वारा सत्संग कीर्तन की अमृत वर्षा की गई साईं जी का आगमन रात्रि 9:00 बजे हुआ समस्त मोहल्ले वासियों के द्वारा साई जी का स्वागत फूलों की वर्षा के साथ व आरती करके कि गई
कार्यक्रम की शुरुआत साई जी के द्वारा भगवान झूलेलाल बाबा गुरमुख दास जी के मूर्ति पर फूलों की माला पहनाकर दीप प्रज्वलित करके की गई रवि रूपवानी व अनील पंजवानी के द्वारा भक्ति भरे भजन गाए गए
साईं जी ने अपनी अमृत वर्षा से सत्संग में फरमाया की इस पृथ्वी लोक में जिससे मृत्यु लोक भी कहा जाता है जो भी जन्म लेता है चाहे इंसान हो संत हो महात्मा हो या भगवान का अवतार ही क्यों ना हो हर किसी को किसी न किसी रूप में परीक्षा देनी पड़ती है त्रेतायुग में भगवान श्री रामचंद्र जी ने भी कई परीक्षा दी दुख तकलीफ भी सही द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण जी ने भी कई तकलीफ परेशानी हुई उनका जन्म कारावास में हुआ लालन पालन पोषण गोकुल में हुआ वहां पर भी भगवान को मारने के लिए कई राक्षस आए प्रभु का कुछ भी बिगड़ ना सके
इसी तरह भगवान झूलेलाल जी ने भी अवतार लिया नसरपुर में माता देवकी के घर में उन्हें मारने के लिए मीरग बादशाह ने अपने वजीर को भेजा पर वह भी भगवान झूलेलाल जी का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाया भगवान पृथ्वी पर अवतार लेते हैं हम भक्तों के कल्याण के लिए एवं पापियों का उत्थान के लिए लेते हैं भगवान झूलेलाल ने अवतार लिया हम हिंदुओं को बचाने के लिए
सिंध में आज भी भगवान झूलेलाल जी का झूला मौजूद है वह हर महा चंद्र के दिन वह हर शुक्रवार को झूला अपने आप ही झूलने लगता है जब भगवान झूलेलाल में जन्म लिया झूले में उन्हें सुलाया गया तो झूला अपने आप ही झूलने लगता था और जब झूले से निकाल लेते थे तो रुक जाता था यह भगवान की लीला थी
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो ना खुद अच्छा कार्य करते हैं और ना दूसरों को अच्छा कार्य करने देते हैं हमेशा नुक्स निकालना गलत भाषा का प्रयोग करना यहां तक कि संत के बारे में भी निंदा करना उनका काम रहता है ऐसे कुछ लोग थे जो बाबा गुरमुख दास जी को भी गलत शब्दों का उपयोग करते थे बुरा बोलते थे पर बाबा ने कभी उन्हें जवाब नहीं दिया जब बाबा ब्रह्मलीन हो गए वही लोग आए पैरो पर गिर के माफी मांगने लगे हमसे गलती हो गई हमने सच्चे संत की निंदा की है उन्हें भला-बुरा कहा है हमें माफ कर दीजिए आप लोगों को ऐसे लोगों का संग नहीं करना है आप लोगों को सच्चे लोगों का भक्ति प्रेम व सत्संग करने वाले लोगों का ही संग करना है
साईं जी ने अपनी
अमृतवाणी में कई भक्ति भरे भजन गाए इसे सुनकर भक्तजन झूम उठे
झूले झूले मुहनजो झुलण झूले
बड़ा प्यारा है दरबार बाबा गुरुमुख दास जी का
हलिया चकरभाटा में लाल जो
आहे मेलो
इस अवसर पर हेमू नगर की छोटी-छोटी बच्चियों ने भी भक्ति भरे गीत पर शानदार नृत्य का प्रदर्शन किया कार्यक्रम के आखिर में केक काटा गया भगवान झूलेलाल जी की मूर्ति को भोग लगाया गया प्रसाद वितरण किया गया अरदास की गई विश्व कल्याण के लिए पल्लो पाया गया
हेमू नगर युवा टीम के द्वारा साई जी का शॉल ओढ़ाकर श्री फल देकर सम्मान किया गया
पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से लाइव प्रसारण किया गया घर बैठे हजारों की संख्या में भक्त ने कार्यक्रम का आनंद लिया इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में बाबा गुरमुख दास सेवा समिति पूज्य सिंधी युवा टीम हेमू नगर के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा
श्री विजय दुसेजा जी की खबर