45 वा श्री झूलेलाल मंदिर का स्थापना दिवस हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया
चकरभाटा झूलेलाल नगर स्थित झूलेलाल मंदिर का 45 वा स्थापना दिवस श्रद्धा भक्ति और हर्षो उल्लास के साथ भक्तजनों ने मनाया
इस तीन दिवसीय मंदिर स्थापना मेले में भक्ति की गंगा बहती रही सुबह और शाम
आखिरी दिन संत लाल साई जी के द्वारा अपने अमृतवाणी में एक कथा सुनाई व आशीर्वाद वचन दिया
साई जी ने बताया कि एक गांव में पानी की किल्लत थी वहां से संत जा रहे थे तो गांव वालों ने रोका और संत जी से अपनी परेशानी बताई संत ने कहा अमुख स्थान पर दो कुवे खोदो जब पानी पानी निकल जाए तो 1 कुआ को ढक्कन लगाकर बंद कर देना और दूसरे को वैसे पानी निकालते रहना और गरीबों को पिलाते रहना अपने कामकाज के लिए लेते रहना दोनों कूवे अगल-बगल में होने चाहिए
संत की बात सुनकर गांव वालों ने वैसा ही किया एक कुआ को ढक दिया और दूसरे कुवें से पानी निकालते रहे साल भर बित जाने के बाद संत फिर से उस गांव पहुंचे और गांव वालों से पूछा क्या हाल-चाल है दोनों ने कहा संत जी आपके बताए हुए मार्ग पर चल रहे हैं और अब हम लोग बहुत सुखी है कोई परेशानी नहीं है
संत जी कहां ठीक है चलो उस कूवें वे के पास जो कुआं बंद करके रखा था ढक्कन ऊपर से रखा था संत जी ने कहा अब उस कुएं के ऊपर से ढक्कन हटा दो
गांव वालों ने जैसे ही जाकर उस कूवे से डक्कन हटाया तो क्या देखा कि कुआं पूरा सुखा है
गांव वाले हैं हैरान रह गए और संत जी से पूछा यह क्या चमत्कार
है
संत ने कहा यह कोई चमत्कार नहीं है जिस कुआ का आप पानी निकालते जा रहे थे उसमें वापस पानी अपने आप आते जा रहा था और जिस कुआ में पानी था आपने बंद करके रखा था वह सूख गया इस कहानी का तात्पर्य यह है कि जो अब धन कमाते हो उसका कुछ हिस्सा धर्म के कार्यों में वह अच्छे कार्यों में खर्च करते रहना चाहिए इससे आपके घर में बरकत होती रहेगी धन की कभी कमी नहीं होगी ,,,
साईं जी ने बताया कि 45 वर्ष पूर्व किस तरह बाबा गुरमुख दास जी ने मंदिर की स्थापना की और कैसे एक छोटे से मंदिर से आज भव्य विशाल मंदिर बना इसमें बाबा गुरमुख दास जी की मेहनत तपस्या भक्तों का प्यार जुड़ा हुआ है
मंदिर के अंदर में भी एक कुआं है जिसका जल गंगा की तरफ पवित्रा है निर्मल है वह कई दुखों को दूर करता है वह कभी भी इस कुएं का पानी खत्म नहीं होता है यह विशाल मंदिर भी जब बना उसी कुएं के पानी से बना आसपास के कई कुएं सूख जाते हैं गर्मी में लेकिन यह कूवा कभी नहीं सूखता है
साईं जी के द्वारा कई भक्ति भरे भजन गाए जिसे सुनकर भक्तजन झूम उठे
हर साल लगता रहेगा यह झूलेलाल का मेला
प्रसाद में
किसी को सुप मिलेगा किसी को केला
कोई अकेला आए कोई दुकेला यहां किसी को मना नहीं है यह झूलेलाल का है मेला
इस अवसर पर श्री झूलेलाल साई म्यूजिकल पार्टी कटनी से आकाश कुमार ने भी भक्ति भरे भजन गाए
सोनी मुंदरी वारा साईं
जीये साई जिए लाल साई जीए जुग जुग प्यारा वरुण साइ
जिए
बाबा गुरमुखदास आपकी याद आती है आप इस दिल में हमेशा रहते हैं
ऐसे कई भक्ति भरे भजन गाय
आखिर में साइन जी के द्वारा चालिया उत्सव आरंभ होने वाला है उसके बारे में बताया कि घाघर कैसे रखें वह कैसे उसकी पूजा-अर्चना करनी है
इस अवसर पर सिंधु कल्चर एलायंस फोरम के अध्यक्ष डॉ हेमंत कलवानी संरक्षक डॉ रमेश कलवानी व पदाधिकारी गण मंदिर पहुंचे मत्था टेका और साइ जी से आशीर्वाद लिया
संस्था की तरफ से साईं जी का फूल माला पहनाकर स्वागत किया साईं जी ने भी सभी सदस्यों का पखार पहनाकर श्रीफल देकर सम्मान किया
आखिर में आरती की गई अरदास की गई विश्व कल्याण के लिए पल्लो पाया गया
इस पूरे कार्यक्रम का सोशल मीडिया के माध्यम से सीधा प्रसारण किया गया हजारों की संख्या में बच्चों ने घर बैठे इस कार्यक्रम का आनंद लिया
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भक्तजन बिलासपुर चकरभाटा बिल्हा भाटापारा तिल्दा रायपुर दुर्ग-भिलाई नागपुर गोंदिया रायगढ़ कोरबा मुंगेली
वाह अन्य कई शहरों से पहुंचे थे
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में बाबा गुरमुखदास सेवा समिति चकरभाटा बिलासपुर श्री झूलेलाल महिला सखी सेवा ग्रुप के सभी सदस्यों का विशेष सहयोग रहा
श्री विजय दुसेजा जी की खबर