नो मुंडी वाला रावण

नो मुंडी वाला रावण

नो  मुंडी वाला रावण

नो  मुंडी वाला रावण  


दशहरा के दिन देश भर में दशहरा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जगह जगह छोटे-छोटे रावण के पुतलों का दहन किया गया करोना  महामारी  के कारण बड़े रावण नहीं बनाए गए और ना ही रामलीला का आयोजन हुआ
काली मंदिर के पास तिफरा बिलासपुर में सजीव रावण की झांकी बनाई गई छोटा हाथी में अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ था और बीच-बीच में खड़े होकर हर हर महादेव का जय घोष  कर रहा था

वह लोगों को बता रहा था कि मैं रावण हूं हा हा हा हा
आने जाने वाले सभी लोगों  रावण के साथ सेल्फी ले रहे थे फोटो खिंचवा रहे थे
इस अवसर पर गोविंद भी पहुंचा गोविंद को देखकर रावण समझ गया यह बालक साधारण  बालक नहीं है उसने गोविंद को अपने पास खड़ा किया अपनी तलवार भी थी आशीर्वाद दिया प्यार और दुलार किया गोविंद ने भी उसे हाथ जोड़कर  अभिवादन  किया इस 
रावण की खासियत है यह  थी कि 
10 मुंडी की जगह 9 मुंडी वाला था 

श्री विजय दुसेजा जी की खबर

Ads Atas Artikel

Ads Atas Artikel 1

Ads Center 2

Ads Center 3