एक ऐसी पहल ~छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति को सहेजने भावना फाउंडेशन का सुआ महोत्सव ।।

एक ऐसी पहल ~छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति को सहेजने भावना फाउंडेशन का सुआ महोत्सव ।।

एक ऐसी पहल ~छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति को सहेजने भावना फाउंडेशन का सुआ महोत्सव ।।

एक ऐसी पहल ~छत्तीसगढ़ की परंपरा व संस्कृति को सहेजने भावना फाउंडेशन का सुआ महोत्सव ।।


 बालोद। भावना फाउंडेशन बालोद के तत्वाधान में सुआ महोत्सव का आयोजन 29 व 30 अक्टूबर को शाम 6:30 से रात 8:30 बजे तक किया जा रहा है। उक्त आयोजन बस स्टैंड के ऊपर ऑडिटोरियम हॉल में होगा।  फाउंडेशन के प्रमुख दीपक थवानी सहित कादम्बिनी लोकेश पारकर यादव, गायत्री साहू ने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बचाए रखने के लिए एक छोटा सा प्रयास किया जा रहा है। सुआ नृत्य का छत्तीसगढ़ में विशेष महत्व है। इस विलुप्त होती परंपरा को बचाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। आधुनिकता के दौर में लोग इस परंपरा को भूल ना जाए इसलिए समय-समय पर आयोजन होना चाहिए। इस उद्देश्य  को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन द्वारा सुआ महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। आयोजक समिति में शामिल महिलाओं का एक समूह भी बना हुआ है। जो इस आयोजन में सुआ नृत्य की प्रस्तुति देगी। तो साथ ही अगर कोई अन्य युवती या महिला इसमें शामिल होना चाहते हैं तो वे भी शामिल हो सकते हैं। नृत्य में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक परिधान में ही शामिल होना पड़ेगा। उक्त आयोजन में केवल महिला व युवतियां ही शामिल हो सकतें हैं।

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